आला रे आला गणपति आला लगा लो सब जय कारा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आला रे आला गणपति आला लगा लो सब जय कारा,

शंकर जी और पार्वती के है जो राज दुलारा

पेहले पूजा जो पाते है गणेश जी लम्बोदर

विघन को सभ के हरते है दया है जिसके ऊपर

लगे गगन में जैकारा

आला रे आला गणपति आला लगा लो सब जय कारा,

आठ सीधी नो निधि के दाता दुःख को हरने वाले

पेहले आमन्त्र तुम को करते तुम हो भोले भाले

देव् मानव परोहित साधू पेहले तुम्हे मनाते

जैसे तुम्हारा नाम गजानंद वैसी किरपा बरसाते

सकल जगत ब्रह्मांड में तुम को माने सब संसारी

मोदक लड्डू तुम को भाये करते मुश्क की सवारी

इक दंत दया वन्ता नाम तुम्हारा प्यारा

आला रे आला गणपति आला लगा लो सब जय कारा,

तुम हो दयालु किरपालु सब की बिगड़ी बना दो

संकट है संसार में स्वामी उसको दूर भगा दो

तुम को अन्तर्यामी ग्यानी तुम से क्या है छुपाना

आज सभी तुम को है पुकारे दूर करो कोरोना

आपनी आशीष बरसादो तुम सब के दुःख को हर लो

मंगल मूर्ति मंगल करनी शरण में अपने रखलो

दुःख हरता सुख करता संकट से तुम तारो

आला रे आला गणपति आला लगा लो सब जय कारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।