अब तो बुला दरबार संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो बुला दरबार संवारे,

मैं कर ना सकू का इन्तजार संवारे

अब तो बुला दरबार संवारे,

तुम से मैंने प्रीत लगाई अब मैं रह न पाऊ,

ज्ग्यारस आते ही मेरे बाबा खाटू दोडा आऊ,

मुझे हो जाए तेरा दीदार संवारे

अब तो बुला दरबार संवारे,

बंद है तेरा मंदिर बाबा कैसे दर्शन पाऊ,

जल्दी होंगे दर्शन तेरे मन को मैं समजाऊ

कब होगी अर्जी ये सवीकार संवारे

अब तो बुला दरबार संवारे,

दिल नही लगता बिन दर्शन के मेरे शीश के दानी

खोलो मंदिर के ताले कहे सुरेश राजस्थानी

हम भगतो को तेरी दरकार संवारे

अब तो बुला दरबार संवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।