रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर में

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को बिन्दिया विराजे

बिन्दिया पहना दो

विदा कर दो

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को झुमके बिराजे

झुमके पहना दो विदा कर दो।

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को हरवा विराजे

हरवा पहना दो विदा कर दो

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को कंगना विराजे

कंगना पहना दो विदा कर दो

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को करधन विराजे

करधन पहना दो

विदा कर दो

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को पायल विराजे

पायल पहना दो विदा कर दो

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी को बिछिया विराजे

बिछिया पहना दो

विदा कर दो

मोतीन से माँग भर दो

गणेश घर जाना है

रिध्दी सिध्दी खड़ी मंदिर मे

मुस्काये मनामन मे

गणेश घर जाना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।