सब से पेहले चर्चा चले

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सब से पेहले चर्चा चले

पेहले मनाये सभी पूजा इनकी फले,

सब से पेहले चर्चा चले

ब्रहामंड का सब से पेहले चक्र जो लगाएगा,

पूजन का पेहला अधिकार वही पायेगा

तीजा मोती बात न टले,

सब से पेहले चर्चा चले

कई देव रथ से सवार होके चल दिए

कई देव अपने वहान से निकालिए

इन्हें मुश्क सवारी खले,

सब से पेहले चर्चा चले

गणपति के मन में आई तभी बात है,

पिता बड़े रब से धरा से बड़ी मात है

श्रृष्टि सारे चरणों तले

सब से पेहले चर्चा चले

गोरा संग भोले नाथ को बिठाया

गनपत ने सात बार चकर लगाया है

पंकज पद न खले

सब से पेहले चर्चा चले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।