प्यारी सूरत रात रात नै जागूँ रे बाबा नींदडली नहीं आवै

-रवि शर्मा(श्रीगंगानगर) 7062534590
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रात रात नै जागूँ मैं तो नींदडली नही आवै रे

सपणे माही रामधणी थारी प्यारी सूरत आवै रे

एक रात नै रामदेव जी सपणे माही आवै रे

मेरे सिरहाणे बैठ्या रामसा सिर पै हाथ फिरावै रे

अगली रात नै रामदेव जी नीले चढ़ कै आवै रे

नीलो घोड़ो टप टप करतो म्हारै कानी आवै रे

अगली रात नै रामदेव जी खुद स्यू ना रुक पावै रे

मिठो मिठो बोल रामसा हंस कर के बतलावै रे

साचम-साची बात रामसा लिख कै रवि बतलावै रे

महिमा थारी गाय सुनीता सगळ्या नै सुनावै रे

रात रात नै ......

लेखक:-रवि शर्मा(श्रीगंगानगर) 7062534590

गायिका:- सुनीता जी बागड़ी (श्रीगंगानगर)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।