थे म्हारे घरा आया धन्यवाद दादीसा

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

थे म्हारे घरा आया धन्यवाद दादीसा

थारा टाबरिया ने दीज्यो आशीर्वाद दादीसा

धन्य हुआ म्हे थारा दर्शन पाकर

राखली थे लाज म्हारी म्हारे घरा आकर

म्हारा भाग्य ने सरावा म्हे आज दादीसा

थारा टाबरिया ने दीज्यो आशीर्वाद दादीसा

थे तो हो अंतर्यामी थाने के बतावा

घट घट वासी थारी किरपा म्हे चावा

थारा दर्शन करने आया है समाज दादीसा

थारा टाबरिया ने दीज्यो आशीर्वाद दादीसा

स्वागत है दादीसा म्हारे घरा आपको

बूरो मत मानियोजी म्हारे कोई बात को

थारी किरपा का म्हे चावा है प्रसाद दादीसा

थारा टाबरिया ने दीज्यो आशीर्वाद दादीसा

थे म्हारे घरा आया धन्यवाद दादीसा

थारा टाबरिया ने दीज्यो आशीर्वाद दादीसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।