सुन हे शिव के लाला गोरी मईया के दुलारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सुन हे शिव के लाला गोरी मईया के दुलारे,

रिधि सीधी के स्वामी सुनो देव घनो के प्यारे ,

अपनी शरण में लेलो हम है इस दुनिया से हार ,

हम ने सुना है सब से पेहले करे तुम्हारा जो वंदन,

काम सफल हो जाते उस के कट ते भव के बंदन,

तुम से है विनती ये मेरी प्रभु रखलो ध्यान हमारा,

दीन हीन सब है घनायक बस तेरे ही सहारे,

सुन हे शिव के लाला गोरी मईया के दुलारे,

तुम्हे मिला है शिव से ही वर मंगल तुम हो करते

अपने भगत जनों के गणपति विघन सभी तुम हरते,

बिन तेरे किरपा गणपति नही मेरा गुजारा,

दुनिया के ठुकराए हम सब आन पड़े तेरे द्वारे,

सुन हे शिव के लाला गोरी मईया के दुलारे,

बुधिमान तुम जैसा देव कोई दुनिया में न पाया,

मात पिता को मान ये जग तुमने फेरा लगाया

तेरे द्वार से कोई भी देवा गया कभी नही खाली,

अपनी बुधि के बल पर तूने सब के काज सवारे,

सुन हे शिव के लाला गोरी मईया के दुलारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।