सब देव पधारे है अंगना

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सब देव पधारे है अंगना

गजानन तुम भी आ जाओ

चन्दन ,केशर और इतर की

सजी कटोरी मेरे अंगना

चुन चुन कलियां और फूलों की

सजी माला मेरे अंगना

छप्पन भोग छतिसों व्यंजन

सजे थाल मेरे अंगना

मलमल रेशम और उनो के

सजे वस्त्र मेरे अंगना

धूप दीप और कपूर बाती

सजी आरती मेरे अंगना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।