है आपके हाथों में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

है आपके हाथों में,मेरी बिगड़ी बना देना

भोले मेरी नैया को , भव पार लगा देना

तुम शंख बजा करके दुनिया को जगाते हो

डमरू की मधुर धुन से सत्मार्ग दिखाते हो

मैं मूरख मेरे अवगुन को नाथ मिटा देना

भोले मेरी -------------

हर ओर अन्धेरा है तुफान ने घेरा है

कोई राह नहीं दिखती , मुझे तुझ पर भरोसा है

एक आस लगी तुझसे ,मेरी लाज बचा लेना

भोले मेरी---------------

हे जगदंबा के स्वामी ,देव आदि देव नमामि

सबके मन तुम जानो ,शिव तुम अन्तर्यामी

सब दुख मेरे मन के महादेव मिटा देना

भोले मेरी--------

महादेव जटा मे तुम ने गंगा को छिपाया है

माथे पर चंद्रमा सजाके, विषधर लिपताया है

मुझको भी गले अपने महाकाल लगा लेना

भोले मेरी ------------

प्रेषक प्रियंका अग्निहोत्री

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।