लडुआ के लाने मचल गाओ रे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

लडुआ के लाने मचल गाओ रे,

मोरो गोरा को लला

खूब मनाये न मान रे

मोरो गोरा को लला

झुला झूलन खेजानत नैया हो गई परेशान गोरा मैया,

अरे काहा रे साके निकल गोरे

मोरो गोरा को लला

भंगिया पीसे के लड्डूआ बनाये

माता गोरा के समज ना आये,

अरे दिमाग देखो भजल बोये रे

मोरो गोरा को लला

लम्बोधर गणराजा तुम्ही हो शुभ और लाभ के दाता तुम्ही हो

आरे काम न साहिल सफल बोये रे,

मोरो गोरा को लला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।