मेरा भोला है भंडारी जटाधारी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली ,

जटाधारी अमली बडा ही भारी अमली

कहा रहे मेरा बैलनाथ और कहा रहे गणेश ,कहा रहे मेरा भोले शंकर

लम्बे - लम्बे केश उन्हा दा जोगिया वाला भेश

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली

जंगल रहे मेरा बैलनाथ और मन्दिर रहे गणेश केलाशो में भोले शंकर

लम्बे -लंबे केश जिना दा जोगिया वाला भेश ,

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली

क्या पिए मेरे बैलनाथ और क्या पिए गणेश क्या पिए मेरे भोले शंकर ,

लम्बे - लम्बे केश उन्हा दा जोगिया वाला भेश

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली

पानी पिएं मेरे बैलनाथ ओर दुध पिए गणेश ,

भांग पिए मेरे भोले शंकर

लम्बे - लंबे केश उन्हा दा जोगिया वाला भेश

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली,

क्या खाएं मेरे बैलनाथ और क्या खाएं गणेश ,

क्या खाएं मेरे भोले शंकर लम्बे - लंबे केश

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली

घास खाएं मेरे बैलनाथ और लड्डू खाएं गणेश , फल खाएं मेरे भोले शंकर

लम्बे - लंबे केश उन्हा दा जोगिया वाला भेश ,

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली

मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली ,

जटाधारी अमली बडा भारी अमली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।