बरसाने में आज वधाई बाजे है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बरसाने में आज वधाई बाजे है

एह जन्म लियो राधा ने डंका बाजे है

ब्रिज वासी सब ख़ुशी मनावे ढोली ढोल बजावे है

किरत मैया गोद खिलावे निरख निरख सुख पावे है

म्हारा माँ लक्ष्मी जी मंगल गावे है

एह जन्म लियो राधा ने डंका बाजे है

भाव जगे भानु बाबा के एसी लाली पाई है

बरसाने की गली गली में सब ने धूम मचाई है,

माखन दूध दही की छीट लगावे है

एह जन्म लियो राधा ने डंका बाजे है

देख छवि अविनिषा माँ की मैं अपनी सुध विस्राऊ,

छोटे छोटे नैन लल्ली के मैं वारि वारि जाऊ

भानुमती बुआ भी लाड लगावे है

एह जन्म लियो राधा ने डंका बाजे है

माधो दास वधाई गावे लाडो यु की शान में

दास मेहर भी बसना चाहे श्री बरसाना धाम में

ठुमक ठुमक सब सखियाँ नाचे गावे है

एह जन्म लियो राधा ने डंका बाजे है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।