जय हो गोरी के गणराजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय हो गोरी के गणराजा रिधि सीधी के महाराजा,

टालो टालो हमारे विघन

हम तो आये तुम्हारे शरण

जय हो गोरी के गणराजा रिधि सीधी के महाराजा,

शीश जुकाए फूल चडाए तेरे गुण को गाये गे,

देदे शक्ति हम को इतनी भो सागर तर जायेगे,

तेरी लीला सब से न्यारी तेरी महिमा जग में भारी,

टालो टालो हमारे विघन

हम तो आये तुम्हारे शरण

जय हो गोरी के गणराजा रिधि सीधी के महाराजा,

हंस वाहनी वीणा वागनी विद्या की वरदानी है

जिस पे किरपा कर दे तू माता वो ही जग में ग्यानी है

भगती भाव भरा जीवन हो तेरे रंग में रंगा तन मन हो

टालो टालो हमारे विघन

हम तो आये तुम्हारे शरण

जय हो गोरी के गणराजा रिधि सीधी के महाराजा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।