बाबोसा चूरू वाले की आरती

पारंपरिक
हनुमान जी आरती विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

देवा, बाबोसा चूरू वाले,

भक्तो के है रखवाले,

रिम झिम उतारे तेरी आरती,

बाबोसा, रिम झिम उतारे तेरी आरती

सिर पे मुकुट, कान में कुंडल,

हाथ में सोटा साजे l

जग मग जग मग, रूप निराला ll,

भुत प्रेत सब भागे जय हो,

माता छगनी के लाले, कोठारी कुल के तारे,

रिम झिम उतारे तेरी आरती,

बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती,

देवा, बाबोसा चूरू वाले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बालाजी ने राज तिलक से,

अपनी गोद बिठाया l

नीमसर पांचू भरे है मेला ll,

भक्तो के मन भाया

सबके, मन को हरषाने वाले, विपदा मिटाने वाले,

रिम झिम उतारे तेरी आरती,

बाबोसा, रिम झिम उतारे तेरी आरती,

देवा, बाबोसा चूरू वाले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

भक्ति भाव से करे आरती,

तेरे सारे पुजारी l

मन दर्पण में बसों बाबोसा ll,

कलयुग के अवतारी

तेरा, मंजू देवी गुण गाये,

गोपाला शीश नवाये,

रिम झिम उतारे तेरी आरती,

बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती,

देवा, बाबोसा चूरू वाले,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।