यशोदा ने जन्मा है लला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारे ब्रिज में मचा है ये हला माँ यशोदा ने जन्मा है लला

नन्द बाबा का मन हुआ खुशहाल रे,

नंदी घर आया है गोपाल रे

खुशियाँ मनावे सब ग्वाल बाल रे

ब्रिज वासी सारे है खुशियाँ मनावे

गावे बधाई ठुमका लगावे

करके दर्शन सारे हुए है निहाल रे

खुशियाँ मनावे सब ग्वाल बाल रे

ब्रिज की गुजरियां सोहर है गावे

नन्द बाबा हीरा मोती सोना लुटावे

सब पूछे कन्हियाँ का हाल चाल रे

खुशियाँ मनावे सब ग्वाल बाल रे

माईया यशोदा की बली बली जावे

अपने ललना का पलना झुलावे

रहे पंकज युग युग जीवे तेरा लाल रे,

खुशियाँ मनावे सब ग्वाल बाल रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।