अवतार है भगती का महिमा बड़ी न्यारी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अवतार है भगती का महिमा बड़ी न्यारी है

सोने पे सुहागा है श्यामा जू हमारी है

केहने को हजारो है दातार जमाने में,

पर राधा किरपा जग में लाखो पर भारी है

उमीदे चमन की अब चिंता न फिकर कोई

जब भागवान अपनी ब्रिशभानु दुलारी है

जिस घड़ी हुए दर्शन उस पल के सदके मैं,

मन तृप्त हुआ जब से ये छवि निहारी है

मेरा कर्म शांत बोलू या धन्ये कहू जीवन

बरसाने में आ ठेहरी जीवन की गाड़ी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।