सुन ले ओ खाटू वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी पहचान अगर खाटू वाले श्याम हो...

जाएं गम ए दौरा की जो कोशिश है वह बेकार हो जाए....

मेरे सरकार कदमों में जगा दो अपने बालक को...

जमीन का एक जरा हूं नजरे सरकार हो जाए...

सुन ले ओ खाटू वाले...

मुझको गले लगा ले...

हारे का तू है सहारा..

तेरी शरण में हूं आया..

दुनिया का मैं हूं सताया...

मुझको भी तू ही जिताना..

मेरी किस्मत तू बनाए या बिगाड़ तेरे हाथ है मेरी किस्मत मेरे बाबा...

तेरे हाथ ही मेरी किस्मत तू बनाए या बिगाड़े मेरी किस्मत मेरे बाबा..

तेरी शरण में बाबा सब छोड़कर में आ गया मैंने सुना है एक ही हारे का सहारा है..

तो आ गया.. मैं आ गया.. लो आ गया मैं तेरी शरण बाबा..

सभी भक्तों के है प्यारे (यह हारे के सहारे हैं)

यह गरीबों के हैं दाता (माता मोरवी के प्यारे हैं)

नीले घोड़े पर जो रहते ( श्याम सबसे ही न्यारे है)

काम बिगड़े जो बनाए ( यह हारे के सहारे हैं)

दुनिया का ही नजारा...

पल दो पल की खुशियां..

गम के अंधेरे मिलते हैं फिर मिलती है तनहाइयां....

कभी धरती कभी अंबर कभी पर्वत कभी सागर तेरा चेहरा नजर आए..

तेरा चेहरा नजर आए मुझे दिन के उजालों में तेरी यादें तड़पाए..

तेरी यादें तड़पाए रातों के अंधेरों में तेरा चेहरा नजर आए..

विशाल खाकर ठोकर तेरी शरण मैं आ गया

मैंने सुना है एक ही हारे का सहारा है

तो आ गया मैं आ गया लो आ गया मैं तेरी शरण बाबा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।