आज गणपति आये है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

माता गोरा का लला शिव जी का है ये दुलारा,

मुसा है जिनकी सवारी देवो में है सब से निराला,

की भगतो झूमो नाचो गाओ आज गणपति आये है ,

लम्बी लम्बी सुंड है जिनकी छोड़े छोड़े कान हो '

सब से पेहले होती पूजा देवो के सरताज हो

मोदक के भोग लगाओ मेरे गणपति को मनाओ

की होगा सब का बेडा पार आज गणपति आये है ,

रिधि सीधी के है ये स्वामी लम्बोदर है नाम हो

तीन लोक में इनकी महिमा बूधी के भण्डार हो

सचे मन से जो आये मन मांगे मुरादे पाए

की देते खुशियाँ अप्रम पार

आज गणपति आये है ,

गली गली और गाओ शहर में गूंजे जय जय कार हो

चुआ पे बेठ के आये घजानन माँ गोरा के लाल हो

अंजलि और आंबे आये गणपति जी के गुण गाये,

आज गणपति आये है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।