गणपति देवा तुम से बड कर कौन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

देवा हो देवा गणपति देवा तुम से बड कर कौन

और तुम्हारे भगत जनों में हम से बड कर कौन

देवा हो देवा गणपति देवा तुम से बड कर कौन

तुझ को फिर से जलवा दिखाना ही होगा

अलगे वर्ष आना है आना ही होगा

देवा हो देवा गली गली में तेरे नाम का है शोर

हम भी पुकारे कब होगी देवा तेरी नजर हमारी और

ज्वाला सी जलती है आँखों में जिनके दिल पे तेरा नाम है

परवाह ही क्या उसका आरम्भ कैसा है और उसका परिणाम क्या है

धरती अम्बर सितारे उसकी नजरे उतारे

डर भी उस से डरा रे जिसकी रख्वालिया रे

करता साया तेरा ओ देवा

श्री गणेशा देवा श्री गणेशा

ॐ गन गन गणपते नमो नमहा

सीधी विनायक नमो नमा

अशत विनायक नमो नमा

गणपति बाबा मोरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।