ओ मैया तेरो लाडलो मेरी रोज मटकिया फोड़े

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मैया तेरो लाडलो मेरी रोज मटकिया फोड़े

मेरी रोज मटकिया फोड़े मेरी रोज मटकिया फोड़े

ओ मैया तेरो लाडलो मेरी रोज मटकिया फोड़े

तोड़ दई मैंने तेरी मटकिया चुगली क्यों कर जावे

कल बोली थी मैं लाऊंगी माखन क्यों न लावे

मैया का ये जो लाडलो रोज मटकियाँ फोड़े

ओ मैया तेरो लाडलो मेरी रोज मटकिया फोड़े

बंसी बट पे सुन के मुरलिया भाग के तू आ जावे

बिन माखन भजे है बंसी समज नही क्यों पावे

मैया का ये जो लाडलो बिन माखन रूठ के रोवे

ओ मैया तेरो लाडलो मेरी रोज मटकिया फोड़े

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।