बरसो रे बरसो मेगा पुण्ये कमा लो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बरसो रे बरसो मेगा पुण्ये कमा लो ये शुभ अवसर आया है

के बुँदे कावड पर टपका लो ये शुभ अवसर आया है

काले काले बादलो की छतरी बना लो ये शुभ अवसर आया है

ये गर्मी सूरज की छुपा लो ये शुभ अवसर आया है

गंगा के जल से ही बने हो बादल

नीले आकाश के नैनो का काजल

झम झम झमा झम धुन कावड का गा लो ये शुभ अवसर आया है

के बुँदे कावड पर टपका लो ये शुभ अवसर आया है

आँचल पसारे तुझे धरती पुकारे पावो के छाले है तेरे सहारे

जल ही है जीवन तो ये जीवन बचालो ये शुभ अवसर आया है

के बुँदे कावड पर टपका लो ये शुभ अवसर आया है

पवनो ने छु कर तुझे सोते से जगाया

देव घर की राहो में है प्यार से भुलाया

शिव का आदेश है के यही डेरा डालो यही शुभ अवसर आया है

के बुँदे कावड पर टपका लो ये शुभ अवसर आया है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।