बजाओ रे बाजा बजाओ बाजा जीत गये जीत गये देखो घनराजा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

बजाओ रे बाजा बजाओ बाजा जीत गये जीत गये देखो घनराजा,

गजब हो गा राजा,जीत गये देखो घनराजा,

दोनों भाइयो में देखो होड़ लगी है

मैं बड़ा हु मैं बड़ा हु बात चली है

चलो चलो चलते है केलाश पर हम

बैठे याहा पर जग के महाराजा

बजाओ रे बाजा .......

अपनी अपनी दोने ने सुनाई कहानी

सुने गोरा मैया सुने ओगड़दानी

तीन लोक की दोड देखो लगा कर पेहले जो आये कहलायेगा राजा

बजाओ रे बाजा .......

दोड पूरी कर आये फिर होगी अन बन

पूछा पहले तुम कैसे आये घ्जानंद ,

तीन लोक जब मेरे समाने खड़े है

मन बोला इनके हो चक्कर लगा जा

बजाओ रे बाजा जीत जीत गये देखो घनराजा

अरे चकित हो गये देवता भोले भवानी

बात घनराजा की सब ने है मानी

देखो बन गए सरताज भुधि के दाता अजाज़ कहे जय जय हो तेरी घनराजा,

बजाओ रे बाजा .......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।