नच के मना लो आज सची सरकार नु

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जग मग ज्योत पई आ जगदी

चन्दन दी चोंकी उते महारानी सजदी

आजो मथा टेको माँ दे सोहने दरबार नु

नच के मना लो आज सची सरकार नु

वेखेया होवेगा तुसी बड़ा कुझ जग ते

वडे भागा नाल ने दीदार माँ दे लभदे

तको जी तको महारानी जी दे शिंगार नु

नच के मना लो आज सची सरकार नु

भगता दी टोली गिधा कंजका ने पाउंदीया

आओ वेखो संगता जयकारे माँ दे लाऊंदियां

जोड़ के ता देखो तुसी अन्दरली तार नु

नच के मना लो आज सची सरकार नु

छड देयो फिक्ररा ध्यान सारे जोड़ लो

बाकी कमा कारा वलो मन चित मोड़ लो

पौना जे फिरोज सिर जीवना प्यार नु

नच के मना लो आज सची सरकार नु

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।