बातों को कर लो बंद

पारंपरिक
अन्य कथा विविध भजन katha
॥ पावन पाठ ॥

बातों को कर लो बंद, कथा ग्यारस की सुन लो जी,

बिना पुत्र का बाप, खेतों में रोवेजी

मेरे हका हुआ है खेत, पुत्र बिना कौन जोतेजी

बातों को...

बिना भाई का भाई, पंचों में रोवे जी

मेरे भाई बिना कौन, न्याय चुकावे जी

बातों को...

बिना बहिन का भाई, राखी पे रोवे जी,

सूनी पड़ी कलाई बहिन बिना, कौन राखी बांधेजी

बातों को...

बिना भाई की बहिन, मण्डप में रोवेजी,

मेरा सूना पड़ा है मण्डप, भाई बिना कौन पहनावेजी,

बातों को...

बिना पति की नार, सेजों पर रोवेजी

मेरी सूनी पड़ी है सेज, पति बिना कौन सवावेजी,

बातों को...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।