अपना तो सेठ बजरंग बाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया में दातार बहुत है दिख लाते दातारी

छोटा मोटा माल कमा कर बन बैठे व्यपारी

सेठो का सेठ और दिल वाला

अपना तो सेठ बजरंग बाला

दो हाथो से मांगू मैं सो हाथो से देता है

थोडा थोडा मांगू मैं

वो लाखो में देता है

किस्मत का खोला मेरा ताला

अपना तो सेठ बजरंग बाला

अंटी खोल के देता है पगड़ी झाड के देता है

जिस पर किरपा हो जाए छप्पड़ फाड़ के देता है

इस का तो है खेल निराला अपना तो सेठ बजरंग बाला

सेठाई का क्या केहना दतारी का क्या केहना

ऐसा सोदा करता है व्यपारी का क्या केहना,

फिरवाता राम जी की माला अपना तो सेठ बजरंग बाला

जब ये देने लग जाए लेने वाला नट जाए

वनवारी नही रख पाए झोली धन से फट जाए

देखा न ऐसा देने वाला

अपना तो सेठ बजरंग बाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।