इस भूमि को नमन करो

पारंपरिक
श्री राम कथा राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

माटी पुकारे तुझे अवध पुकारे

आजा रे भगतो आजा रे

सिया राम जी के आशीष पाने आजा रे भगतो आजा रे

आओ भगतो तुम्हे सुनाये कथा सिया वर राम की

इस भूमि को नमन करो ये भूमि अयोध्या धाम की

तपो भूमि ऋषि मुनियों की,

दसरथ के संस्कारों की

लिखी है गाथा इस भूमि पर चारो राज कुमारो की

राम की शक्ति से टूटी दीवारे अत्याचारों की

श्री राम ने मिटा दी शंका रावन के अभिमान की

इस भूमि को नमन करो ये भूमि अयोध्या धाम की

देहल उठे दिल दानवो के बानो की टंकारो से

भारत भूमि मुक्त करवाई आतंकी गदारो से

धर्म गुरु सब मोहित हो गए राम के विचारो से

श्री राम ने रक्षा की हर मानव के समान की

इस भूमि को नमन करो ये भूमि अयोध्या धाम की

जहां बना है राम का मंदिर पावन धाम है मुक्ति का

चडा रंग अब दीवानों पर प्रभु राम की भगती का

श्री राम के जैकारो से मिलता है बल शान्ति का

वेगारी सब देवता गाये आरती श्री राम की

इस भूमि को नमन करो ये भूमि अयोध्या धाम की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।