आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

संग तुम्हारे रहे लक्ष्मी पिता है डमरू वाला रे

आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

सीधी विनायक तुम हो देवा सब विगनो को दूर करे

सब से पेहले पूजे आप को अन धन से भरपूर करो

जिस पर दृष्टि दया की डाली घर कंचन कर डाला रे

आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

शुभ और लाब के मालिक हो तुम

देवो के महाराजा हो

रंक को राजा पल में करते राजायो के राजा हो

पल पल गिरी पुकारे तुम को पी ये प्रेम का प्याला रे

आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

कब से अँखियाँ तरस रही है दर्शन तेरे कर ने को

अब तो आ जा गनपत राजा भगतो के दुःख हरने को

जब जब भीड़ पड़ी भगतो पे तुमने संकट काटा रे

आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।