संत शरण में लाग रे तेरी आछी बनेगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

संत शरण में लाग रे तेरी आछी बनेगी

ध्रुव ने बनाई बात गज ने बनाई,

अजामिल के जागे भाग रे तेरी आछी बनेगी

शबरी बनाई बात अहिल्या बनाई,

केवट के जागे भाग रे तेरी आछी बनेगी

विदुर ने बनाई बात द्रोपदी बनाई,

कुन्ती के जागे भाग रे तेरी आछी बनेगी

साधु ने बनाई बात, सन्तौ ने बनाई,

तू भी जगाले अपनें भाग रे तेरी आछी बनेगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।