मेनू दूजी वार प्यार होया संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा पेहला प्यार तू सी तू इह जांदा साहणु इकठेया नु होगे कीने साल

मेनू दूजी वार प्यार होया संवारे दूजी वार भी होया है तेरे नाल

किसे और को मैं देखू दिल करे न

मेरे दिल में ही बस तुम हो श्याम

मेरे संग संग चलना संवारे ऐसा कर देना कमाल

मेनू दूजी वार प्यार होया संवारे दूजी वार भी होया है तेरे नाल

मेरे सपनो में तुम हो आते मुझे खुशिया खूब लुटाते

मैं मस्तानी हो जाऊ जब मोर छड़ी लेहराते,

मेरी लाइफ को मस्त बना दे मुझे कर दे तू निहाल

मेनू दूजी वार प्यार होया संवारे दूजी वार भी होया है तेरे नाल

श्री श्याम लिखिया मैं बाह ते मेरे कमरे में श्याम तस्वीर है

मोना केहती है सुन मेरे संवारे तू ही तो मेरी तकदीर है

प्रिंस रॉयल को भी अपना बना ले देके खुशियाँ तू कर मालो माल

मेनू दूजी वार प्यार होया संवारे दूजी वार भी होया है तेरे नाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।