चालो चालो खाटू धाम याहा विराजे बाबा श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चालो चालो खाटू धाम याहा विराजे बाबा श्याम

बनता बिगड़ा हुआ हर काम चालो खाटू जी

उचे निचे रेत के टीले दूर से दीखते निशाँन रंगीले

केसरियां और पीले पीले चालो खाटू जी

जाकर इक निशान उठा लो बाबा श्याम की किरपा पा लो,

अपने सोये भाग जगा लो चालो खाटू जी

चालो चालो खाटू धाम याहा विराजे बाबा श्याम

मंदिर श्याम का लागे प्यारा जैसे अन्धकार में तारा,

बेहती याहा प्रेम की धारा चालो खाटू जी

रतन शिंगासन श्याम विराजे अंजनी का लाला संग साजे

ढोलक संख नगाड़ा बाजे चालो खाटू जी

हो प्रगटी याहा से मूरत प्यारी है उस कुंड की महिमा न्यारी

उमड़े याहा पे दुनिया सारी चालो खाटू जी

देखो कुंड बना मन भावन

जल है गंगा जल सा पावन बरसे श्याम किरपा का साजान

चालो खाटू जी

ओ बाबा चमत्कार दिखलाये मरुधर में भी फूल खिलाये

जगा वो श्याम बगीची कहाहे चालो खाटू जी

लाख्दातर की सेवा पाई अल्लू सिंह जी ने जिसे सजाई

उनके भाग्ये बड़े थे भाई चालो खाटू जी

ओ कलयुग का ये देव कहाये बाबा सांचा न्याए चुकाए

इक पल की न देर लगाये चालो खाटू जी

सेवक रंग गुलाल उडाये सूरज चंदा आरती गाये बाबा दोनों हाथ लुटाये

चालो खाटू जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।