साईं जी मेरे नाल ने वे

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साईं जी मेरे नाल ने वे सुख विच वे नाल दुःख विच वे नाल

मेरा रखदे सदा ख़याल वे

साईं जी मेरे नाल ने वे

एहसास कदी न होया के जग विच इकला हां

फड के मैं हर दम रहंदा मैं साईं जी दा पल्ला हां

इक पल हजूर रख दे ना दूर

बन के रहंदे लाज पाल वे

साईं जी मेरे नाल ने वे

किस्मत चंगी सी साडी एहना ने अपनाया

सेवा दी पग ढंडी ते सहनु चल वाया चंगे नसीब रब बे करीब,

कट दिंदे सब जंजाल वे

साईं जी मेरे नाल ने वे

दिल विच वसदे हर वेले नजर विच वसदे ने

अंतर यामी ने आपे खबर सब रखदे ने

दिल दा करार साईं दा प्यार,

मेरे पुरे कर्ण सवाल वे

साईं जी मेरे नाल ने वे

मनदडा मैं क्यों बोला साईं जी सुन दे ने

क्यों गलत मैं कुझ भी करा साईं जी टक दे ने

दम दम दा मीत हर दम पुनीत अंग संग साहिल हर हाल वे

साईं जी मेरे नाल ने वे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।