आजा रे कन्हाई

विजय नायक ' विनायक मो. :- 99833 - 63005
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आजा आजा रे कन्हाई तूने काहे देर लगाई

हो.... ओ .... ओ.....

आजा आजा रे कन्हाई , मुझको याद है तेरी आई

मैंने दी है ये पलके बिछा

साँवरिया आजा ना देर लगा , ओ कान्हा.... आजा ना अब तरसा

आँख मेरी भर आई ना आया तू क्यूँ कन्हाई

कैसी है ये रुसवाई ओ साँवरिया.....

ओ कान्हा.. धडकन तुझे पुकारे अंखिया रस्ता तेरा निहारे

ओ छलिया मुरली की तान सुना

सांवरिया जल्दी से तू घर आ, ओ कान्हा आजा ना देर लगा

लबों पे नाम तुम्हारा तु ही परिवार हमारा

तेरे बिन अब ना गुजारा ओ साँवरिया

ओ कान्हा... क्या रखा बातो मे डोर मेरी तेरे हाथो मे

आकर मुझको गले से लगा

सांवरिया जल्दी से तू घर आ, ओ कान्हा आजा ना देर लगा

तू है कण कण समाया नरसी कर्मा ने बुलाया

तब भी तू दौडा आया ओ साँवरिया....

ओ कान्हा... जल्दी से घर आ रे दास विनायक तुझे पुकारे

तूने वादा किया जो निभा साँवरिया आजा ना देर लगा

लेखक - विजय नायक ' विनायक मो. :- 99833 - 63005

गायक - नरेश पंवार बीकानेरी मो. :- 98285 - 48287

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।