नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे

चंदा सा मुखड़ा तेरा घुंगराली लट है

उस पे अदाए तेरी श्याम बिख्ट है

कौन बला इने ओटे रे ओटे

नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे

संवारे सलोने तेरे रूप के गुलाम हम

ताक ते रेहते हम तुझको सुबह से शाम हम

अल्को में जादू तेरी पलकों में जादू है

बांकी अदा मन मेरा करे बेकाबू है

तुझपे फ़िदा सब होते होते

नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे

अधरों पे मुरली सिर मोर मुकट है

मनोहर छवि पे गया हर कोई लुट है

मोहनी मूरत तेरी सुंदर सी सूरत है

सांसो से ज्यदा श्याम तेरी जरूरत है

तुझ बिन जन्दगी में टोटे ही टोटे,

नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे

सोने सोने मुखड़े ते झुल्फो के बादल हो

कितने ही दिल तेरी अदाओं से घायल है,

माथे काजाल का टिका लगाया लग

लगे न नजर श्याम खुद को बचाया कर

नजर से तो शीशा भी टूटे टूटे

नैना मोटे मोटे कजरारे श्याम तेरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।