आज संवारे से होनी मुलाक़ात है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज संवारे से होनी मुलाक़ात है कीर्तन की आई रात है,

नीले पे हो सवार दर्शन देगा लखदातार

भगतो से करता है प्यार

आज करुना की होगी बरसात है

कीर्तन की आई रात है,

सब देवो में देव है ग्रेट इन से बड़ा न कोई सेठ

पल में दे कंगाली मेट भागो वाला वो जिनके ये साथ है,

कीर्तन की आई रात है,

नाम बड़ा है ये अनमोल मत हो प्यारे डमा डोल

दे किस्मत के ताले खोल

मेरे संवारे में एसी करा मात है

कीर्तन की आई रात है,

भीम सेन क्या करे विचार तू भी कर ले श्याम से प्यार संग चले तेरे राम अवतार

मेरे बाबा की वाह वाह क्या बात है

कीर्तन की आई रात है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।