कान्हा मारण पूतना आयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा मारण पूतना आयो:-

कान्हा मारण पूतना आयो,

जात कर्म संस्कार छठी दिन,

नन्द भवन पापी कंस पठायो,

कान्हा मारण ----------

धरि बेषो सुन्दर गोपिन को,

श्री श्यामहि अंक लिपटायो,

कान्हा मारण---------

विष लेपित स्तन तेहि धार्यो,

हरि मुख स्तनपान करायो,

कान्हा मारण-----------

हरि मुस्कात पिबत धरि स्तन,

प्राण लेई यमलोक पठायो,

कान्हा मारण -------------

रचना आभार,: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।