यशोदा तेरा ललना सताए हम को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यशोदा तेरा ललना सताए हम को

कभी मटकी को फोड़े कभी बहियाँ मरोड़े

कभी ऊँगली पकड़ के नचाये हम को

यशोदा तेरा ललना सताए हम को

जब जब हम यमुना तट जाए पीछे पीछे आये

आरे मखान मिश्री छीने हम से मटकी फोड़ गिराये,

कभी चुनरी पकड़ के गिराए हम को

यशोदा तेरा ललना सताए हम को

जब हम दही वेचने जाए करता जोरा जोरी

ग्वाल बाल संग मिलके कान्हा करता माखन चोरी

कभी कंकड़ीया मार के रुलाये हम को

यशोदा तेरा ललना सताए हम को

जब यमुना पे जाए नहाने वस्त्र उठा ले जाए

कदम की डाल पे बेठ के नटखट मुरली मधुर भ्जाये

कभी हस हस के मस्का लगाये हम को

यशोदा तेरा ललना सताए हम को

हम से कहे गुजरिया जाके जो मैया को बोली

राह रोक लेंगे केवल हम ग्वालो की टोली

कभी अखियाँ मिला के धमकावे हम को

यशोदा तेरा ललना सताए हम को

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।