एह वतन हम को अपने राम की कसम

पारंपरिक
श्री राम भजन देश भक्ति भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

एह वतन हम को अपने राम की कसम,

रखेगे तेरी आबरू हम जन्म जन्म जन्म

यही हमारा कौन है यही तो है धर्म

जान तुझमे वार देंगे वन्दे मातरम

एह वतन एह वतन

ये मुल्क फरिश्तो का ऋषियों का मुनियों का

कोयल की मधुर तान है और राग है चिडियों का

सोने की चमकती है धरती है याह जन्नत है

सीने में हर इक शख्श के इक रार महोबत है

हर इक बशर जिसका जाबाज सिपाई है

तरीक जमाने की सदियों की गवाही है

एह वतन एह वतन

अजमत है याहा सब की सूरज की सितारों की

पुशीद के बचो के महताब के पैरो की

है शोख जमी अपनी ये रंग हजारो की

कुछ रंग बहारो की खुशबु है चिनारो की

पुर जोश है दिल अपने फोलाद बुजाये है

मजबूत इरादे है चोकनी निगाहे है

एह वतन एह वतन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।