प्रेम से बोलो हरी ॐ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

प्रेम से बोलो हरी ॐ

सुमिरन करले शाम सवेरे

मिट जायेगे सब दुःख तेरे

यही नाम हरी ॐ

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

ॐ ही तारे ॐ सवारे ॐ है श्रधा शक्ति

ॐ की भगती से इस जीवन की होती है पावन मुक्ति

ॐ नाम है सुख की छाया ॐ नाम से घर में माया

रटो नाम हरी ॐ

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

ॐ हरी हरी कष्ट हरेगे लेके हरी नाम की माला

ॐ नाम का मानव तन पर सोहे गजबुज शाळा

श्री संत ओर मुनि की वानी माने ॐ नाम विध्यानी

सुनो नाम हरी ॐ

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

ॐ नाम है जग में साँचा ,

ॐ है जीवन ज्योति

ॐ जगाता किसमत सब की हर हिरदये का मोती

ॐ नाम है सुख की छईया

ॐ लगाता पार है नैया

जपो नाम हरी ॐ

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

ॐ है श्रृष्टि ॐ है दृष्टि ॐ हवा है पानी

अगनधरा है ॐ के अन्दर जीवन ज्योत समानी

कं कं में है ॐ समाया ॐ नाम ही जीवन काया

कहो नाम हरी ॐ

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

येही ॐ से चलती ॐ सर्जन करता है

भू पर भार पाप पापी का ॐ नाम हरता है,

तीनो लोक में ॐ समाया तेज कुञ्ज ॐ में पाया

लिखो नाम हरी ॐ

हरी ॐ हरी ॐ हरी ॐ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।