तू मीरा का है या राधा का है किसका तू श्याम ज़्यादा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू मीरा का है या राधा का है किसका तू श्याम ज़्यादा है

हैं हम भी तो प्रेमी दरश के दीवाने कहो क्या इरादा है

तू मीरा का है ..................

मीरा को दुनिया ने पागल कहा है

कैसी दीवानी ज़हर भी पिया है

अरे कान्हा ओ कान्हा अब तो आजा

कान्हा रे कान्हा रे आजा रे आजा रे

है हमको यकीन मेरे श्याम की मोहब्बत का ये कायदा है

हैं हम भी तो प्रेमी दरश के दीवाने कहो क्या इरादा है

तू मीरा का है ..................

राधा के दिल की करी तूने चोरी

पनघट पे आके करे ज़ोरा जोरी

अरे कान्हा ओ कान्हा अब तो आजा

कान्हा रे कान्हा रे आजा रे आजा रे

सेह लूँगा मैं सारे सितम गर तू करे वादा है

हैं हम भी तो प्रेमी दरश के दीवाने कहो क्या इरादा है

तू मीरा का है ..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।