बाल मुकुदा

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा.......

मैं हूं चरण चरणरज बंदा

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा

देवकी के घर जन्म लीयो है

छोट बड़े सब बंदा

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा....

मथुरा से हरी गोकुल आए

नाम धरे गोकुल नन्दा

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा......

मथुरा तज हरी गोकुल आए

नाम धरे जग नन्दा

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा......

सूरदास प्रभु तुम्हरे दर्शन को

तुम ही हो आनन्द कन्नदा

जय जय जय श्री बाल मुकुन्दा......

@ललित गेरा (SLG)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।