आजा मेरे साँवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज: हारे का तू है सहारा साँवरे

बाबा तू मेरा और में हूँ तेरा

टूटे ना रिस्ता ओ बाबा तेरा मेरा

छूप छूप के रोता हूँ

तेरी याद जो आती है

तेरी यादे साँवरिया

कितना तड़पाती है

आजा मेरे साँवरिया ,

आजा मेरे साँवरिया

बाबा तू मेरा,,,,,,,,,

तेरे दर की सीढ़ी पे

तेरी नजरो के आगे

घंटो करता था

तुमसे दिल की बातें

याद वो आती है साँवरिया

दिल मेरा रोता है

आजा मेरे साँवरिया

बाबा तू मेरा,,,,,,,,,,,,,,

तुम बिन साँवरिया

दिल नही लगता है

क्या तू भी मिलने को

हम से तरसता है

इतना बता दे तू साँवरिया

क्या तू छूपाता है

आजा मेरे साँवरिया

बाबा तू मेरा,,,,,,,,,,,

हाले दिल सुनले

ओ बाबा श्याम हमारा

रो रो मर जाये ना तेरा दीवाना

राही, का तुमसे मेरे बाबा नाता पुराना है

आजा मेरे साँवरिया ,

आजा मेरे साँवरिया

बाबा तू मेरा और में हूँ तेरा,

ARUN CHAUHAN RAHI

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।