कलयुग बैठा मार कुंडली

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग बैठा मार कुंडली जाँऊ तो में कहा जाँऊ ।

अब हर घर मे रावण बैठा इतने राम कहा से लाऊँ ।

दशरथ कौशल्या जैसे मातपिता अब भी मिल जाये,

पर राम से पुत्र मिले ना जो आज्ञा ले वन जाये।

भरत लखन से भाई को अब ढूंढ कहा से में लाऊँ।

अब हर घर मे रावण बैठा इतने राम कहा से लाऊँ ।

कलयुग बैठा मार कुंडली जाँऊ तो में कहा जाँऊ ।

अब हर घर मे रावण बैठा इतने राम कहा से लाऊँ ।

जिसे समझते हो तुम अपना जड़े खोदता आज वहीं ।

रामायण की बाते जैसे लगती है सपना कोई।

तब थी दासी एक मंथरा आज वही घर घर पाऊँ

अब हर घर मे रावण बैठा इतने राम कहा से लाऊँ ।

कलयुग बैठा मार कुंडली जाँऊ तो में कहा जाँऊ ।

अब हर घर मे रावण बैठा इतने राम कहा से लाऊँ ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।