कामदगिरि की करो परिक्रमा दर्शन हो श्री राम का

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कामदगिरि की करो परिक्रमा,ध्यान लगा भगवान का,

सुफल मनोरथ हो जाएं सब ,दर्शन हो श्री राम का ,

कामदगिरि की.......

रामघाट में पहले जायें मंदाकिनि स्नान को ,

ब्रह्मा ने जिन शिव को पूजा वहीं लगाओ ध्यान को,

राम ने पूछा मतगयेन्द्र से बसने के स्थान का ,

सुफल मनोरथ.........

अब कामदगिरि की करो परिक्रमा तीनो मुख अरविंद के,

ब्रह्मा विष्णु शिव जी हैं हर इक चरणाविन्द में ,

भरत राम का मिलन जहां पर क्या कहना उस धाम का,

सुफल मनोरथ.........

फटकशिला और हनुमतधारा जैसे पावन धाम यहां,

अनुसुइया आश्रम को देखें खुद में है इक अलग जहाँ,

जहां त्रिदेव बने थे बालक पता चला ना ज्ञान का ,

सुफल मनोरथ......

पंचवटी में प्रगट हुई जो गोदावरी इस धाम की,

यहीं नदी को गुप्त कर दिया ये महिमा प्रभु राम की,

ग्यारह वर्ष बिताकर सोचा पंचवटी प्रस्थान का ,

सुफल मनोरथ......

कामदगिरि की करो परिक्रमा,ध्यान लगा भगवान का,

सुफल मनोरथ हो जाएं सब ,दर्शन हो श्री राम का ,

कामदगिरि की.......

Singer - Shiva & Janhavi

Lyrics - Udaybhan Tripathi

Creations - Chitrakoot Music Production

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।