आया कान्हा के जन्मदिन नाच लो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आया कान्हा के जन्मदिन नाच लो रे

जन्माष्ठमी का शुभदिन नाच लो रे

मेरे श्याम का जन्मदिन नाच लो रे

हैप्पी बर्थडे बोल रहे सब , मिलके बजाओ ताली

भोग लगाओ केक खिलाओ , कोई न जाए खाली

भाव से कान्हा को रिझाओ नाच लो रे

बेस डी जे का बडा के नाच लो रे

अपने ठाकुर को रिझाके नाच लो रे

नंद बाबा के आँगन देखो , आज बिछा है पलना

भक्त झुलाए बड़े प्रेम से , कान्हा झूले पलना

आई खुशिया अपार है नाच लो रे

छाई मस्ती बेशुमार है नाच लो रे

आया जग का पालन हार है नाच लो रे

देखो कैसा आलम छाया , कैसा शुभदिन आया

सारे जग को रचने वाला , बाल रूप में आया

जाया यशोधा ने लल्ला नाच लो रे

देखो मच गया हल्ला नाच लो रे

भर गई झोली और पल्ला नाच लो रे

बड़ा ही सुन्दर रूप सलोना , दुनिया से है न्यारा

नजर कही न लग जाये , ये लगता कितना प्यारा

इसकी नजर उतारो नाच लो रे

सारे नून राई वारो नाच लो रे

देखो जादा निहारो नाच लो रे

आज प्रेम से गुण गाओ , कान्हा के दर्शन पाऊ

बड़े चाव से भक्तो के संग , आज बधाई गाऊँ

मोहन कौशिक भजन सुनाओ नाच लो रे

ये हरीश गुण गाये नाच लो रे

आया जग का पालन हार है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।