माखन चोर आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आया ब्रिज का बांका गोकुल की गलियों में शोर हो गया

मटकी अपनी सम्बालो चोर चोर चोर माखन चोर आ गया

संग ग्वाल बालो के आकर करता माखन की चोरी

कोई अगर बोले तो करता ये बरजोरी

ये रंगीला बड़ा है हठीला बड़ा करे करा मात रोज ये नया

माखन चोर आ गया

नटखट बड़ा नन्द लाला ना सुने बात जग की,

ये अपनी मस्ती में रह्ता करता है अपने मन की

करता शेतानिया फोड़ता मटकियाँ चर्चा में सबकी ये आ गया

माखन चोर आ गया

माखन भरी देख मटकी खुद को न रोक पाए

लाख पेहरा ये फिर भी माखन झट कर जाए

सारी ब्रिज गोपियाँ इस की मन मानिया,

कुंदन सोचे करे भी तो कया

माखन चोर आ गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।