दरश करो शिव जी के मिले सारे सुख धरती के

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दरश करो शिव जी के करो शुभ दिन जिन्दगी के,

दूर करो ग़म जी के मिले सारे सुख धरती के ,

मुण्डों की माला रमाये भोला गरवा,

भष्मी रमाये बहे गंगा सिर माँ ,

काले नाग हो ऊपर नीचे समय हो शुभ सभी के,

दूर करो ग़म.......

फूलों की माला से शिव को सजईबे,

चावल चन्दन और भंगिया चढ़ईबे ,

लड्डू चढ़इबे देसी घी के करो शुभ दी ज़िन्दगी के,

दूर करो ग़म.......

बेल पत्र दुर्बा और समी पत्र लइबे ,

करिबे पूजा शिवा शिव को मनइबे,

जल से नहुअइबे जान्हवी के मिले सारे सुख धरती के,

दूर करो ग़म.....

दरश करो शिव जी के करो शुभ दिन जिन्दगी के ,

दूर करो ग़म जी के मिले सारे सुख धरती के ,

Singer - Shiva & Janhavi

Lyrics - Brijmohan Gautam

Creation - Chitrakoot Music Production

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।