किशोरी जी तो मेरी है

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किशोरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

लाडो रानी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

मेरो है बरसाना री सजनी, मेरो है बरसाना

किशोरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

कुटिया भी ले लो, सामान भी ले लो,

बदले में चाहे मेरी, जान भी ले लो,

ये राख़ की ढेरी है, सब कुछ छोड़ के जाना,

मेरो है बरसाना किशोरी जी तो मेरी है,

मेरो है बरसाना,

एक देखी देखी मैंने, श्री निधिवन में,

एक दिन देखी मैंने, घेहबरबन में,

जो सखियों ने घेरी है, मेरो है बरसाना

किशोंरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

बोलो तो आसुओ, भर दू समंदर,

बोलो तो सीना चीर, दिखला दूँ अंदर,

प्रीत घनेरी है, सब कुछ छोड़ के जाना,

मेरो है बरसाना किशोरी जी तो मेरी है,

मेरो है बरसाना,

कोई कहे वृषभानु दुलारी,

कोई कहे इन्हे किरत कुमारी,

श्री धामा कहे मेरी है, मेरो है बरसाना

किशोंरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

हरि दासी ने दुनियाँ , में धूम मचाई,

क्या खूब लिखती, गोपाली बाई,

पूनम भी तो चेरी है, पूनम भी तो तेरी है,

मेरो है बरसाना किशोरी जी तो मेरी है,

किशोरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

लाडो रानी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

मेरो है बरसाना री सजनी, मेरो है बरसाना

किशोरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।