राम तेरी गंगा मैली हो गई

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सुनो तो गंगा ये क्या सुनाए

के मेरे तटपर जो लोग आए

जिन्होंने ऐसे नियम बनाए

के प्राण जाए पर वचन न जाए

गंगा हमारी कहे बात ये रोते रोते

राम तेरी गंगा मैली हो गई

पापियों के पाप धोते धोते

हम उस देशके वासी हैं जिस देशमे गंगा बहती

ऋषियोंके संग रहनेवाली पतितोंके संग रहती

ना तो होठोंपे सच्चाई नही दिलमे सफ़ाई

करके गंगाको खराब देते गंगाकी दुहाई

करे क्या बिचारी इसे अपनेही लोग डुबोते ...

राम तेरी गंगा मैली हो गई

पापियों के पाप धोते धोते

वही है धरती वही है गंगा बदले है गंगावाले

सबके हाथ लहू से रंगे हैं मुख उजले मन काले

दिये वचन भुलाके झूठी सौगंध खाके

अपनी आत्मा गिराके चलें सरको उठाके

अब तो ये पापी गंगा जलसेभी शुद्ध न होते ...

राम तेरी गंगा मैली हो गई

पापियों के पाप धोते धोते

अजय जांगिड़ खूड़ 8058333070

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।