कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

आगे आगे देवो की टोली बोले हर हर महादेव बोली,

तेरी जय हो बोले नाथ सुन सखी पार्वती

कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

पीछे संगी भंगी का दल है पीते गांजा भंगिया तरल है

झूमे मस्ती में सारी बरात सुन सखी पार्वती

कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

दुलाह राजा नंदी विराजे तन पे भस्मी और सर्प साजे,

जटा लम्बी तिरशूल डमरू हाथ के सुन सखी पार्वती

कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

तू है सखी इक सुंदर सी बाला.

वर तेरा सखी ओगड़ है काला

तेरी कैसे निभेगी उस के साथ सुन सखी पार्वती

कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।