जय गुरु ज्प्लो सुबहो शाम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय गुरु ज्प्लो सुबहो शाम पल में बनेगे तेरे बिगड़े काम

रोक सोक मिटे सब याहा है चमत्कारी ये गुरु का नाम

जय गुरु ज्प्लो सुबहो शाम

जाने तेरी महिमा ये संसार दुनिया जाने शक्ति तेरी अपार,

हारे का तू सहारा है हर भक्त को तू प्यारा है

जब बाबा पुकारे गे जिसे वो आएगा सब छोड़ काम

जय गुरु ज्प्लो सुबहो शाम

आके याहा लगाते जो अरदास बाबा करते उनकी पूरी आस

करे भगती जो पाए शक्ति वो

पापो से फिर पाए मुक्ति वो

सब सुख पायेगा तू याहा करू पूजा इनकी सुबहो शाम

जय गुरु ज्प्लो सुबहो शाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।